शीला की लीला – 16 | Hindi Sex Story
दूसरे दिन वैशाली बड़ी जल्दी जाग गई.. ये देख शीला चोंक गई.. वैशाली को देर तक सोना बेहद पसंद था.. तो आज ये जल्दी क्यों उठ गई होगी? “गुड मॉर्निंग” कहते हुए मुंह में ब्रश डालकर वैशाली सीधे छत पर चली गई… सुबह के साढ़े छह बजे थे.. बाहर कोई खास चहल पहल नहीं थी.. थोड़ी सी ठंड थी और बड़ा आह्लादक वातावरण था.. निप्पल पर ठंडी हवा का स्पर्श होते ही वैशाली को झुरझुरी सी होने लगी.. सामने की छत पर पीयूष गुलाब के पौधों को पानी दे रहा था.. जिस काम के लिए वो जल्दी जागी थी वो मिशन सफल हो गया.. जो जागत है वो पावत है …